गुलाब या गेहूं ?
*गुलाब या गेहूं ?🌹*
फूलों का राजा है गुलाब,खुद पर है इठलाता,
क्योंकि हर जगह हैं, बस उसके चर्चे आम,
भगवन से मन्नत मांगना हो तो बस गुलाब,
विशिष्ट अतिथि का स्वागत करना हो तो गुलाब,
शादी में मंगनी में बुके देना हो तो बस गुलाब,
दोस्ती के लिए देना हो तो पिला गुलाब,
शांति का सन्देश देना हो तो उजला गुलाब,
अब तो विशेष दिन भी मिल गया है इसे "रोज डे"!
आखिर क्यों नहीं अपने ऊपर इतराये गुलाब,
क्योंकि दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं चर्चे इसके,
गुलदस्ते में लग जाये तो बढ़ जाती है उसकी शान,
इसीलिए और फूलों पे है रॉब जमाता गुलाब,
क्योंकि आज सभी की पसंद बन गया है गुलाब,
पर क्या कोई इसे भी आइना दिखायेगा ?
कि सिर्फ चर्चों से गरीबों के नहीं भरते हैं पेट,
अमीरों के झूठे चोंचलें हैं ये सारे,
गरीबों से तो पूछो उनकी पसंद है क्या,
चुनने को उनसे कहा जाये कि "गेंहूँ या गुलाब"?
तो मै शर्त के साथ कहती हूँ कि
गरीबों की पसंद होगी बस "गेहूं " ना कि "गुलाब"
...........📝श्रीमती मुक्ता सिंह
देखें -भारतवासी आपस में लड़ रहे हैं
.....http://mankebaatt.blogspot.in/2017/11/blog-post_14.html
फूलों का राजा है गुलाब,खुद पर है इठलाता,
क्योंकि हर जगह हैं, बस उसके चर्चे आम,
भगवन से मन्नत मांगना हो तो बस गुलाब,
विशिष्ट अतिथि का स्वागत करना हो तो गुलाब,
शादी में मंगनी में बुके देना हो तो बस गुलाब,
दोस्ती के लिए देना हो तो पिला गुलाब,
शांति का सन्देश देना हो तो उजला गुलाब,
अब तो विशेष दिन भी मिल गया है इसे "रोज डे"!
आखिर क्यों नहीं अपने ऊपर इतराये गुलाब,
क्योंकि दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं चर्चे इसके,
गुलदस्ते में लग जाये तो बढ़ जाती है उसकी शान,
इसीलिए और फूलों पे है रॉब जमाता गुलाब,
क्योंकि आज सभी की पसंद बन गया है गुलाब,
पर क्या कोई इसे भी आइना दिखायेगा ?
कि सिर्फ चर्चों से गरीबों के नहीं भरते हैं पेट,
अमीरों के झूठे चोंचलें हैं ये सारे,
गरीबों से तो पूछो उनकी पसंद है क्या,
चुनने को उनसे कहा जाये कि "गेंहूँ या गुलाब"?
तो मै शर्त के साथ कहती हूँ कि
गरीबों की पसंद होगी बस "गेहूं " ना कि "गुलाब"
...........📝श्रीमती मुक्ता सिंह
देखें -भारतवासी आपस में लड़ रहे हैं
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