सदियों का इंतज़ार
आज मैंने अपने ब्लॉग को एक पत्नी के इंतज़ार की मनोदशा को समर्पित किया है।जो कोई भी हो सकती है।एक सोल्जर कि पत्नी, एक विदेश में बसे की देश में इंतज़ार करती पत्नी, एक प्रवासी की पत्नी जिसका पति कई महीनों बाद घर लौट रहा हो।या वो जो पति - पत्नी दोनों रोजी रोटी के लिए अलग अलग शहर में रह रहे हों, कई दिनों बाद, कई महीनों बाद पति घर आ रहा हो।आशा है कि मै एक पत्नी की उस इंतज़ार की मनोदशा को चित्रित करने में खरी उतरी होऊं आप सभी के सामने।🙏 *सदियों का इंतज़ार" सदियों का इंतजार जब एक दिन में बदल जाता है, तो सदियां छोटी और एक दिन बड़ा हो जाता है, दिल की धड़कने तेज यूं हो जाती हैं, कि हरेक आहट पे नज़रें बस देहरी निहारती है , और लगता है जैसे ख्वाबों पे भी इंतज़ार का पहरा है एक खटके पे दिल बल्लियों उछल जाता है। सदियों का इंतजार जब एक दिन में बदल जाता है, तो सदियां छोटी और एक दिन बड़ा हो जाता है, सदियां तो काट ली मैंने दिन गिन - गिन कर, पर अब एक दिन पे, एक पल भी भारी हैं, काश कि तुम ये संदेशा ना भेजे होते, कि मै कल आ जाऊंगा सांझ ढलते - ढलते। सदियों का इंतजा...