ज़िन्दगी क्या है ??

      *जिंदगी क्या है ??*


कभी-कभी मन में मचलता है ये सवाल,
जिंदगी क्या है ?
ईश्वर का दिया अनमोल तोहफा,
या है उलझनों से भरा समंदर ,
जिसका दूर-दूर तक नही है कोई किनारा ,
या बेजान टापू,जहाँ जीवन की कोई आस नहीं।

ज़िन्दगी क्या है ?
इस दुनिया में आने पे,ली पहली किलकारी,
या माँ की प्यार की वो नर्माहट भरी गोद, 
जो अपने आँचल में समेटे है दुनिया सारी,
या बारिश की वो पहली फुहार
जो देती है बीजों को नवअंकुरण
या पतझड़ के बाद आया वसंत,
जो किसानो को देता है नवजीवन ।

ज़िन्दगी क्या है ?

तभी दूर मन के एक कोने से आई आवाज़
जिंदगी तो है एक कोरा कागज
जैसा चाहो सजा लो।


श्री गणेश होती है,पहली किलकारी से,
रंगो की शुरुआत है,माँ के आँचल से,
किताब बनती है, 
जीवन के खट्टे-मीठे अनुभवों से,
कहानियां बनती है,
जीवन की घटनाओं से,
कवितायें बनती है,हमारी खुशियों से,
नाटक बनता है,अपनों की साजिशों से।

और अलंकार,
अलंकार सजते हैं दुःखों और खुशियों से
चाहे प्यार का हो या नफरत का ।




  .📝श्रीमती मुक्ता सिंह
रंकाराज
19/9/2017
देखें - गरीब कौनhttp://mankebaatt.blogspot.in/2017/11/30-20-10-3-3-3-800-1000-25000-30000.html

देखें - महारानी पद्मावती और चौथा स्तम्भhttp://mankebaatt.blogspot.in/2017/11/blog-post_17.html

देखें - ज़िन्दगी एक अजीब उलझन हैhttp://mankebaatt.blogspot.in/2017/11/blog-post_16.html

देखें -गेहूं या गुलाबhttp://mankebaatt.blogspot.in/2017/11/blog-post_15.html

देखें - भारतवासी आपस में लड़ रहेhttp://mankebaatt.blogspot.in/2017/11/blog-post_14.html

देखें - मासूम बचपनhttp://mankebaatt.blogspot.in/2017/11/blog-post_13.html


देखें-दिया हूँ मै http://mankebaatt.blogspot.in/2017/11/blog-post_12.html

देखें - जिंदगी http://mankebaatt.blogspot.in/2017/11/blog-post.html





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