ज़िन्दगी में जूनून

       "ज़िन्दगी में जूनून"

ज़िन्दगी में जरुरी है जूनून,
जैसे मछली के लिए जल,
जीवन के लिए साँस,
कामयाबी के लिए प्रयास,
सफलता के लिए आत्मविश्वास।

परिवार के लिए रिश्ते,
खुशियों के लिए विश्वास,
दुखों से निबटने के लिए साहस,
सब एक जूनून ही तो हैं ।

क्योंकि दोस्तों किसी ने सच ही कहा है-
"यूँ ही नहीं मिलती राही को मंजिल,
एक जूनून दिल में जगाना जरुरी होता है।"

चिड़ियाँ से पूछो कैसे बनाया आशियाना ?
भरनी पड़ती है उसे बार-बार उड़ान,
तिनका-तिनका होता है उसे उठाना,
तब बनता है उसका आशियाना।

ये जूनून ही था थॉमस अल्वा एडिसन का,
1000 बार असफलता के बाद भी न मानी हार,
इतनी असफलता के बाद किया बल्ब का आविष्कार।
                  ............📝श्रीमती मुक्ता सिंह


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