पवित्रा की मौत का जिम्मेवार कौन?
"पवित्रा की मौत का जिम्मेवार कौन?"
सहसा टेलीविजन पे न्यूज देखने के लिए रिमोट दबाया तो उस न्यूज को सुन एक पल को दिल थम सा गया । पवित्रा ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली है । संदेह के आधार पे पति और सास -ससुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है ।
पवित्रा बिलकुल अपने नाम की तरह सुन्दर सुशील और घर के कामों में दक्ष होने के साथ पढ़ी-लिखी भी थी ।उसके लिए रिश्ते खोजने नहीं जाने पड़े थे कई लड़के वालों ने रिश्ता खुद ही भिजवाया था ।अभी दो साल पहले ही तो पवित्रा की शादी हुई थी बड़े धूम-धाम से ।एक छोटा सा बेटा भी था गोलू-मोलू सा बहुत प्यारा, बिलकुल अपनी माँ की तरह ।
अभी पिछले महीने ही तो मै मिली थी उससे ।थोडा अजीब लगा था की अभी 1 साल का भी बेटा नहीं होगा और उसके ससुराल वाले उसके बेटा को उसके साथ नहीं आने दिए थे ।मैंने पूछा भी तो वो बात टाल गई तो मै भी ज्यादा कुरेदना ठीक नहीं समझा। बाद में उसके रिश्तेदारों से पत्ता चला की उसका पति का किसी और लड़की के चक्कर में पड़ गया है,और उसी से शादी करना चाहता है ।पवित्रा पे एक दो बार जानलेवा हमला भी इसी कारन हुआ था ।इसीलिए यह मायके आ गई है और तलाक़ की करवाई चल रही है ।
पर पवित्रा अपने पति से बहुत प्यार करती थी, उसके बारे में एक शब्द भी गलत नहीं बोलती थी।पर उसे ससुराल में इतना ज्यादा टॉर्चर किया जाने लगा कि उसे मायके आना पड़ा । पवित्रा अपने पति को तलाक नहीं देना चाहती थी ।उसने तो यहाँ तक कह दिया था की आप दूसरी शादी कर लीजिये पर मुझे वहीँ एक कोने में पड़े रहने दीजिये । मै अपने बच्चे के साथ ज़िन्दगी आपकी दासी बन कर गुजार लुंगी । कुछ भी नहीं मांगूंगी आपसे ।
पवित्रा के मायके वाले पहले तो तलाक के लिए अड़े थे, फिर ऐसा क्या हुआ जो उन्होंने उसे ससुराल भेज दिया ।यह बात आज तक मेरी समझ में नहीं आई ।रस्सी का एक किनारा पकड़ती हूँ तो दूसरा छूट जाता है,और दूसरा पकड़ती हूँ तो पहला छूट जाता है ।आज भी मै उस सवाल के घेरे में खड़ी हूँ की कैसे एक पिता ने अपनी फूल सी बच्ची को उन दरिंदों के हवाले कर दिया ।
बहुत लोगों ने बहुत तरह की बातें समझाई ।पर मेरा मन मानने को तैयार नहीं है की , जब पहले भी उसपे इस तरह की जानलेवा घटना हो चुकी थी तो कैसे एक पिता और भाई अपनी फूल सी बच्ची को ससुराल पहुंचा दिए ।
क्या उसकी मौत के जिम्मेवार सिर्फ उसके ससुराल वाले हैं ।मेरी नज़रों में तो उसकी मौत के जिम्मेवार ससुरालवाले से ज्यादा मायकेवाले हैं ।जो की सारी वस्तुस्थिति को समझते हुए भी समाज का हवाला देकर उसे ससुराल पहुंचा दिए ।और अपने कर्तव्य से मुँह मोड़ लिए ।क्योंकि एक लड़की के लिए सबसे सुरक्षित स्थान उसका मायका होता है, जो उसका स्वाभिमान भी होता है।उसके ससुराल वाले तो आज नहीं कल छूट जायेंगे,पर क्या उसके मायके वाले अपने आप को इस दोष से जिंदगी भर अपने आप को मुक्त कर पाएंगे ?
........... 📝श्रीमती मुक्ता सिंह
सहसा टेलीविजन पे न्यूज देखने के लिए रिमोट दबाया तो उस न्यूज को सुन एक पल को दिल थम सा गया । पवित्रा ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली है । संदेह के आधार पे पति और सास -ससुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है ।
पवित्रा बिलकुल अपने नाम की तरह सुन्दर सुशील और घर के कामों में दक्ष होने के साथ पढ़ी-लिखी भी थी ।उसके लिए रिश्ते खोजने नहीं जाने पड़े थे कई लड़के वालों ने रिश्ता खुद ही भिजवाया था ।अभी दो साल पहले ही तो पवित्रा की शादी हुई थी बड़े धूम-धाम से ।एक छोटा सा बेटा भी था गोलू-मोलू सा बहुत प्यारा, बिलकुल अपनी माँ की तरह ।
अभी पिछले महीने ही तो मै मिली थी उससे ।थोडा अजीब लगा था की अभी 1 साल का भी बेटा नहीं होगा और उसके ससुराल वाले उसके बेटा को उसके साथ नहीं आने दिए थे ।मैंने पूछा भी तो वो बात टाल गई तो मै भी ज्यादा कुरेदना ठीक नहीं समझा। बाद में उसके रिश्तेदारों से पत्ता चला की उसका पति का किसी और लड़की के चक्कर में पड़ गया है,और उसी से शादी करना चाहता है ।पवित्रा पे एक दो बार जानलेवा हमला भी इसी कारन हुआ था ।इसीलिए यह मायके आ गई है और तलाक़ की करवाई चल रही है ।
पर पवित्रा अपने पति से बहुत प्यार करती थी, उसके बारे में एक शब्द भी गलत नहीं बोलती थी।पर उसे ससुराल में इतना ज्यादा टॉर्चर किया जाने लगा कि उसे मायके आना पड़ा । पवित्रा अपने पति को तलाक नहीं देना चाहती थी ।उसने तो यहाँ तक कह दिया था की आप दूसरी शादी कर लीजिये पर मुझे वहीँ एक कोने में पड़े रहने दीजिये । मै अपने बच्चे के साथ ज़िन्दगी आपकी दासी बन कर गुजार लुंगी । कुछ भी नहीं मांगूंगी आपसे ।
पवित्रा के मायके वाले पहले तो तलाक के लिए अड़े थे, फिर ऐसा क्या हुआ जो उन्होंने उसे ससुराल भेज दिया ।यह बात आज तक मेरी समझ में नहीं आई ।रस्सी का एक किनारा पकड़ती हूँ तो दूसरा छूट जाता है,और दूसरा पकड़ती हूँ तो पहला छूट जाता है ।आज भी मै उस सवाल के घेरे में खड़ी हूँ की कैसे एक पिता ने अपनी फूल सी बच्ची को उन दरिंदों के हवाले कर दिया ।
बहुत लोगों ने बहुत तरह की बातें समझाई ।पर मेरा मन मानने को तैयार नहीं है की , जब पहले भी उसपे इस तरह की जानलेवा घटना हो चुकी थी तो कैसे एक पिता और भाई अपनी फूल सी बच्ची को ससुराल पहुंचा दिए ।
क्या उसकी मौत के जिम्मेवार सिर्फ उसके ससुराल वाले हैं ।मेरी नज़रों में तो उसकी मौत के जिम्मेवार ससुरालवाले से ज्यादा मायकेवाले हैं ।जो की सारी वस्तुस्थिति को समझते हुए भी समाज का हवाला देकर उसे ससुराल पहुंचा दिए ।और अपने कर्तव्य से मुँह मोड़ लिए ।क्योंकि एक लड़की के लिए सबसे सुरक्षित स्थान उसका मायका होता है, जो उसका स्वाभिमान भी होता है।उसके ससुराल वाले तो आज नहीं कल छूट जायेंगे,पर क्या उसके मायके वाले अपने आप को इस दोष से जिंदगी भर अपने आप को मुक्त कर पाएंगे ?
........... 📝श्रीमती मुक्ता सिंह
Her past that she did that's responsible
ReplyDelete☺👍✌👏👌
ReplyDeleteNice
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