ज़िन्दगी एक इम्तहान

    "ज़िन्दगी एक इम्तहान"

ज़िन्दगी हर लम्हा इम्तहान लेती है,
गम और साज़िशों के भंवर में डुबोती है,
पर हर लम्हा निर्णय होता है हमारा,
भंवर में डूबना है या किनारे लग जाना है।

पर अपने ऊपर इतना है विश्वास हमे,
ज़िन्दगी का हर इम्तहान पास कर जाएंगे,
कितनी भी हो गहरी साज़िशें नहीं घबराएंगे,
हमारी कोशिशें देख साज़िशें भी हार मान लेगी,
भंवर बढ़ता ही रहेगा, हम पार उतार जायेंगे ।

           ..........📝श्रीमती मुक्ता सिंह

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