हिंदी हैं हम
हिंदी हैं हम
हिंदी हैं हम हिन्दुस्तां है वतन हमारा,
हिंदी हमारी अस्मिता, हिंदी हमारी मान,
हिंदी सभी भाषाओं को है अपने में समेटी,
गंगा-यमुनी तहजीब है इसकी, ना है कोई बैरी,
पूरब -पश्चिम में सेतु बनाती हिंदी भाषा हमारी,
14 सितम्बर 1949 को मिला था राजभाषा होने का मान,
पर साथ में सौत के रूप में अंग्रेजी भी थी बन-ठन आई
15 साल बाद लाल बहादुर शास्त्री ने हिंदी के लिए उठाया था आवाज,
पर सभी के शोर में दब गई उनकी आवाज,और अंग्रेजी सौत ही बनी रही इसकी ,
14 सितम्बर 1959 को पहली बार देश में उल्लास से हिंदी दिवस मना,
जवाहर लाल नेहरू ने इस दिन की थी इसकी शुरुआत,
और दुनिया भर में इसके सम्मान में होने लगे आयोजन।
10 जनवरी 1975 में नागपुर बना इसका गवाह,
30 देशों के 122 प्रतिनिधि ने नागपुर में किया आगाज,
फिर 10जनवरी को ,2006 में डॉ.मनमोहन सिंह ने
विश्व हिन्दी दिवस के रूप में किया इसका सम्मान।
इस दिन विदेशों में भी मनती है विश्व हिन्दी दिवस,
भारतीय दूतावास में होते हैं आयोजन,
हिंदी शब्द हमारी वाणी के लिए है अमर वरदान,
स्वर है इसके मधुर- व्यंजना है इसकी मनुहारी,
सब के लिए अलग-अलग होते हैं शब्द इसके,
माता-पिता के लिए माता- पिता शब्द ही कहे जाते,
भाई, बहन,चाचा, मामा सभी के लिए होते एक ही शब्द ,
हिंदी हमारी भाषा ,हम हिन्दुस्तानियों की है पहचान,
बोली इसकी मधुर, शब्द हैं इसके मनुहारी ।
जय हिन्द जय भारत 🙏
📝श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
झारखंड
14/9/2020
बढिया
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