बीवी को चाहिए टीवी और भाई को चाहिए बीवी

बीवी को चाहिए टीवी और भाई को चाहिए बीवी


आज बच्चों के साथ बैठ कर कौन बनेगा करोड़पति देख रही थी ।मेरा छोटा बेटा को ये क्विज़ पे आधारित है इसलिए बहुत पसंद है । वो इस प्रोग्राम के समय चैनल बदलने नहीं देता ।और घर बैठो मोबाइल पे खेलता है ।उसमे एक प्रतिभागी आये थे , उनके बारे में बताते हुए माननीय अमिताभ बच्चन जी ने कहा की इनको चाहिए बहुत सारे पैसे और बीवी ।पता नहीं क्यों मुझे उनके इतना कहते ही अपने बचपन की एक बात याद आ गयी और हंसी आने लगी ।साथ ही अपने पाप जी को याद कर आँखे भी भर आई । बात बहुत पुरानी है उस समय हम बहुत छोटे थे और अचानक ही पापा जी कहीं से आये और बोलने लगे " बीवी को चाहिए टीवी और भाई को चाहिए बीवी" बहुत परेशानी है इस जिंदगी में ।हम बच्चे उनकी बात को सुनकर मुस्कराने लगे ।वैसे तो हम अपने पापा जी के सामने भी नहीं जाते थे बचपन में ।बहुत डरते थे जबकि पापा जी हमे बहुत प्यार करते थे।गगर में हमारा ही राज़ चलता था ।हमारी  बात घर में कोई नहीं उठाता था ।जो हमारी बात नहीं रखता उसकी खैर नहीं होती ।जिससे मेरे भाई मुझसे बहुत चिढ़ते थे । बात ऐसी थी की उस समय सभी जगह वो एंटीना वाला दूरदर्शन चैनल की वजह से टीवी की मांग काफी बढ़ गयी थी । और जिसके घर में टीवी उसकी हैसियत काफी अच्छी मानी जाती थी ।और वो रामायण, महाभारत चित्रहार, रंगोली, और सप्ताह में टीवी पे फ़िल्म देना का इंतजार करना बहुत अच्छा लगता था ।इसलिए टीवी की मांग बच्चों के लिए बीवी कर रही थी ।और रही बात चाचा जी की बीवी की तो वो भी बहुत मजेदार किस्सा है ।बात दरअसल ये है की मेरे पापा जी चार भाई थे जिनमे पापा जी सबसे छोटे और होनहार थे । बाकि दो बड़े भाई की गृहस्त जिंदगी बड़ी अच्छी चल रही थी । तीसरे नंबर वाले चाचा जी की पहले दो बार शादी हुई ।पर उन दोनों पत्नियों की उम्र बहुत लंबी नहीं थी ,शादी के साल भर के अंदर ही दोनों की मौत हो गयी ।जिससे चाचा जी काफी सदमे में रहने लगे थे । जिससे निकालने के लिए पापा जी ने उन्हें अपने साथ ले आये जहाँ रहते थे ।और उनको किराने का एक दुकान खोलकर दे दिए ।ताकि वो उस डिप्रेसन से निकल सके ।और वाकई में वो धीरे धीरे अपनी जिंदगी को इंजॉय करने लगे थे।हम सभी भाई बहन को भी काफी मानते थे ।जाने ऐसे में कहाँ से उनको फिर से शादी करने का सुर सवार हुआ। और वो पापा जी को बार बार ताना मारने लगे की तुम क्या समझो मेरे तकलीफ को तुम तो अपने पारिवारिक जीवन में खुश हो पर मेरा क्या ,मुझसे तुमको कोई मतलब नहीं । मै किसके लिए जियूं । पापा जी अब काफी परेशान हुए की अब मै शादी के लिए लड़की कहाँ से लाऊँ ।खैर उनकी किस्मत काफी तेज़ थी और एक अच्छे घराने की इकलौती लड़की की शादी का प्रपोजल आया तो पापा जी ने तुरंत ही देख समझ कर हाँ कर दिया ।और चाचा जी के दो शादी के बारे में भी लड़की वालों से बता दिए ।लड़कीवालों को कोई एतराज़ नहीं थी । उनके पिता ने बोला की मै सिर्फ आपके नाम और प्रतिस्ठा देख कर अपनी बेटी आपके घर में दे रहा हूँ । क्योंकि मै जनता हूँ की उसे यहाँ किसी प्रकार की कमी नहीं होगी ।खैर धूम धाम से चाचा जी की शादी भी हो गयी और घर में एक बड़ी सी टीवी भी कोलकाता से आ गयी । जिसकी पुरे इलाके में धूम रही ।साथ ही ये जुमला भी की "बीवी को चाहिए टीवी और भाई को चाहिए बीवी" ।और ये चाचा जी शादी भी सफल रही आज उनके बच्चों की भी शादी हो गयी है और पोता पोती भी वो खेला रहे हैं ।पर हमारे पापा जी को भगवान नाइंसाफी करते हुए काफी कम उम्र में ही हमसे छीन लिए ।मुझे इस सदमे से उबरने में ही काफी टाइम लग गया ।आज भी लगता है जैसे मेरे पास बैठे हों । सभी कहते हैं की पापा जी मुझे बहुत मानते थे इसलिए मै उनको भूल नहीं पा रही हूँ ।
.........📝श्रीमती मुक्ता सिंह

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