बच्चे बिन

"बच्चे बिन"
हमारी बगिया है यही ,
तुम ऊर्जा के शक्ति पुंज हो मेरे,
तुम बच्चे ही मेरी दुनिया हो,
बात-बात में तुनकमिजाजी,
तुम्हारी वो प्यार भरी शरारतें,
और मै रूठ जाती तो तुम्हारा मनाना,
यही तो है मेरी प्यारी ज़िन्दगी,
अगर तुम न होते तो कैसी होती ज़िन्दगी,
घर में होती वीरानी और सन्नाटा,
शायद मैं न जी पाती तुमलोग बिन।

.....श्रीमती मुक्ता सिंह
रंकाराज
16/3/19


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