कार्यकर्ता की दर्द भरी चिट्ठी प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षा मंत्री के नाम
माननीय
प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षामंत्री जी
विषय - झारखंड चुनाव के गलत उम्मीदवार चुनाव संबंध में ।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, गृहमंत्री श्री अमित शाह जी, रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह जी । मै पार्टी कि एक साधारण कार्यकर्ता हूं।जो हर वक्त पार्टी के उज्ज्वल भविष्य की ही कामना करती हूं ।और केंद्र के कार्यों से काफी फक्र महशूस करती हूं कि इस पार्टी की कार्यकर्ता हूं ।मै अपनी बात क्षमा याचना के साथ शुरू कर रही हूं कि मेरी बात से अगर पार्टी की छवि पे आघात हो तो कृपया मुझे क्षमा करेंगे । पर इस बार उम्मीदवारों की घोषणा से अपने आप को काफी आहत महशुस कर रही हूं ।क्यूंकि झारखंड क्षेत्र में ज्यादातर जिलों में कार्यकर्ता या तो दो भागों में बंट गए हैं या उनमें असंतोष ने गहरी पैठ बना ली है।क्यूंकि हम कार्यकर्ता पार्टी के लिए निः स्वार्थ भाव से कार्य करते हैं ।और जब हमारी लगाम किसी ऎसे व्यक्ति के हाथो में सौंप दिया जाता हो, जो कि या तो बाहर से आयातित हो, या भ्रष्टाचार में लिप्त हो, या लोकसभा चुनाव में खुलकर पार्टी का विरोध किया हो, या हमारे राष्ट्रीय स्वंसेवक को उम्मीदवारी घोषित होने के कुछ दिन पहले तक अनरगल बोलता रहा हो , हमारे वनवासी भाइयों के कार्यालय का घेराव किया हो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया हो ।तो दिल में तकलीफ होती है ।कार्यकर्ताओं में असंतोष की भावना अग्रसर होती है। उनका मन दुखित होता है ।और उन्हें इस बात से भी तकलीफ होती है कि पार्टी में उनको उम्मीदवार नहीं बनाया जाता जो इसके हकदार हैं , पार्टी के लिए अपने जीवन के ज्यादातर समय दिए हों।किसानों की समस्या को लेकर हमेशा तत्पर रहते हों ।तो पार्टी के प्रति एक असंतोष की भावना उत्पन्न होती है ।क्या पार्टी का नियम सिर्फ कार्यकर्ताओं के लिए ही है । उम्मीदवारों के नाम उम्मीदवारी की घोषणा होने पहले से तय होती है । तो ये समीक्षा टीम गठन, रायशुमारी, दिल्ली में सभी सांसदों उच्च पदाधिकारियों की बैठक, चुनाव प्रभारी की बैठक क्या एक दिखावा मात्र है ।कृपया मेरी बातों को संज्ञान लेते हुए एक बार इन सारी बिंदुओं पे विचार किया जाए ।नहीं तो आज हम महाराष्ट्र में पीछे हुए हैं तो कल कहीं झारखंड में भी पीछे ना हो जाए ।और अगर इन बिंदुओं पे ध्यान नहीं दिया गया तो हमारी बहुमत की सरकार पर संकट के बादल ना मंडराने लगे ।क्यूंकि आज हमारी पार्टी बहुमत में है तभी हम निर्भीक रूप से किसी भी गलत कानून या अध्यादेश लागू कर पा रहे हैं ।वरना मिली जुली सरकार में सिर्फ भ्रष्टाचार ही व्यापक होता है विकाश बाधित होता है ।
प्रार्थी
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
21/11/19
प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षामंत्री जी
विषय - झारखंड चुनाव के गलत उम्मीदवार चुनाव संबंध में ।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, गृहमंत्री श्री अमित शाह जी, रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह जी । मै पार्टी कि एक साधारण कार्यकर्ता हूं।जो हर वक्त पार्टी के उज्ज्वल भविष्य की ही कामना करती हूं ।और केंद्र के कार्यों से काफी फक्र महशूस करती हूं कि इस पार्टी की कार्यकर्ता हूं ।मै अपनी बात क्षमा याचना के साथ शुरू कर रही हूं कि मेरी बात से अगर पार्टी की छवि पे आघात हो तो कृपया मुझे क्षमा करेंगे । पर इस बार उम्मीदवारों की घोषणा से अपने आप को काफी आहत महशुस कर रही हूं ।क्यूंकि झारखंड क्षेत्र में ज्यादातर जिलों में कार्यकर्ता या तो दो भागों में बंट गए हैं या उनमें असंतोष ने गहरी पैठ बना ली है।क्यूंकि हम कार्यकर्ता पार्टी के लिए निः स्वार्थ भाव से कार्य करते हैं ।और जब हमारी लगाम किसी ऎसे व्यक्ति के हाथो में सौंप दिया जाता हो, जो कि या तो बाहर से आयातित हो, या भ्रष्टाचार में लिप्त हो, या लोकसभा चुनाव में खुलकर पार्टी का विरोध किया हो, या हमारे राष्ट्रीय स्वंसेवक को उम्मीदवारी घोषित होने के कुछ दिन पहले तक अनरगल बोलता रहा हो , हमारे वनवासी भाइयों के कार्यालय का घेराव किया हो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया हो ।तो दिल में तकलीफ होती है ।कार्यकर्ताओं में असंतोष की भावना अग्रसर होती है। उनका मन दुखित होता है ।और उन्हें इस बात से भी तकलीफ होती है कि पार्टी में उनको उम्मीदवार नहीं बनाया जाता जो इसके हकदार हैं , पार्टी के लिए अपने जीवन के ज्यादातर समय दिए हों।किसानों की समस्या को लेकर हमेशा तत्पर रहते हों ।तो पार्टी के प्रति एक असंतोष की भावना उत्पन्न होती है ।क्या पार्टी का नियम सिर्फ कार्यकर्ताओं के लिए ही है । उम्मीदवारों के नाम उम्मीदवारी की घोषणा होने पहले से तय होती है । तो ये समीक्षा टीम गठन, रायशुमारी, दिल्ली में सभी सांसदों उच्च पदाधिकारियों की बैठक, चुनाव प्रभारी की बैठक क्या एक दिखावा मात्र है ।कृपया मेरी बातों को संज्ञान लेते हुए एक बार इन सारी बिंदुओं पे विचार किया जाए ।नहीं तो आज हम महाराष्ट्र में पीछे हुए हैं तो कल कहीं झारखंड में भी पीछे ना हो जाए ।और अगर इन बिंदुओं पे ध्यान नहीं दिया गया तो हमारी बहुमत की सरकार पर संकट के बादल ना मंडराने लगे ।क्यूंकि आज हमारी पार्टी बहुमत में है तभी हम निर्भीक रूप से किसी भी गलत कानून या अध्यादेश लागू कर पा रहे हैं ।वरना मिली जुली सरकार में सिर्फ भ्रष्टाचार ही व्यापक होता है विकाश बाधित होता है ।
प्रार्थी
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
21/11/19
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