हसरतें
"हसरतें"
ये जिंदगी तुझसे बहुत ही हसरतें पाल ली थी मैंने,
पर हसरतें तो एक ख्वाब है, ये बड़ी देर से जाना,
ख्वाब टूटा तो रूबरू हुए हकीकत के जमीन से,
हकीकत के जमीन पे मुस्कराई हमारी बेबस हसरतें,
मेरी खामोशियों में, बेचैनी बन मुस्कराई हसरतें,
मेरी बेताबियों को देख अक्सर तन्हाइयों में मुस्कराई हसरतें,
पर हसरतें भी कहां हार मानती है अपनी नाकामियों पे,
वो तो बिना रुके - थके बस संवरती रही हैं हसरतें,
ख़ामोश पलकों में आंसू बन ढलकती रही हैं हसरतें,
ख्वाबों का साथ छूटा,तो आशायों का दामन थामा,
क्यूंकि ख्वाब है तो हैं हसरतें,जिंदगी है तो हैं हसरतें ।
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंकाराज
27/1/2020
ये जिंदगी तुझसे बहुत ही हसरतें पाल ली थी मैंने,
पर हसरतें तो एक ख्वाब है, ये बड़ी देर से जाना,
ख्वाब टूटा तो रूबरू हुए हकीकत के जमीन से,
हकीकत के जमीन पे मुस्कराई हमारी बेबस हसरतें,
मेरी खामोशियों में, बेचैनी बन मुस्कराई हसरतें,
मेरी बेताबियों को देख अक्सर तन्हाइयों में मुस्कराई हसरतें,
पर हसरतें भी कहां हार मानती है अपनी नाकामियों पे,
वो तो बिना रुके - थके बस संवरती रही हैं हसरतें,
ख़ामोश पलकों में आंसू बन ढलकती रही हैं हसरतें,
ख्वाबों का साथ छूटा,तो आशायों का दामन थामा,
क्यूंकि ख्वाब है तो हैं हसरतें,जिंदगी है तो हैं हसरतें ।
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंकाराज
27/1/2020
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