जिंदगी नहीं आसां Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps By Mukta Singh Mukta Singh March 22, 2020 जिंदगी नहीं आसां" जिंदगी इतनी आसां नहीं होती... हर कदम पर कांटे बिछे हैं.... फुल बनकर निकल जाना है... हर जगह कीचड़ है, पर कमल बन निकलना है... हर रास्ते पर भेड़िये हैं..नजरें बचा कर निकल जाना है... श्रीमती मुक्ता सिंह रंकाराज Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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