क्यूं याद आते हो
"क्यूं याद आते हो"
क्यूं इतना याद आते हो तुम,
क्या तुम भी इतना ही याद करते हो,
कई दिनों से इन सवालों के घेरे में थे,
क्या तुम भी याद करते हो मुझे ?
फिर सोचा मिलकर कर लेंगे सारी बातें,
पर तुम्हारी सकुचाहट देती है अकुलाहट,
क्या मिलोगे मुझसे तुम ?
कई सवालों के घेरे में हैं हम आजकल,
क्या तुम भी याद करते हो यूंही ।
क्यूं याद आते हो इतना तुम,
शायद ये मेरी चाहत है अनोखी,
तुम मिले ना मिले हम याद करेंगे यूंही ।
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
30/8/19
क्यूं इतना याद आते हो तुम,
क्या तुम भी इतना ही याद करते हो,
कई दिनों से इन सवालों के घेरे में थे,
क्या तुम भी याद करते हो मुझे ?
फिर सोचा मिलकर कर लेंगे सारी बातें,
पर तुम्हारी सकुचाहट देती है अकुलाहट,
क्या मिलोगे मुझसे तुम ?
कई सवालों के घेरे में हैं हम आजकल,
क्या तुम भी याद करते हो यूंही ।
क्यूं याद आते हो इतना तुम,
शायद ये मेरी चाहत है अनोखी,
तुम मिले ना मिले हम याद करेंगे यूंही ।
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
30/8/19

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