"रक्षा बंधन"
रिश्ते है कई इस संसार में ,
पर ये रिश्ता कुछ खाश है,
कच्चे धागों में लिपटा विश्वास है,
टूटे ना ये विश्वास का धागा,
कुछ तुम निभाना,
कुछ हम निभाएंगे,
वचन में बंधे तुम सारी उम्र मेरी रक्षा करना,
मै वचन में बंधी ले लूंगी तेरी सारी बलैयां ।
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
15/8/19
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