नज़रे इनायत Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps By Mukta Singh Mukta Singh April 30, 2020 "नज़रे इनायत" सांवरे कभी मुड के भी देखा करो, राहों में हम बैठे हैं पलके बिछाए , तेरे प्यार भरी नज़रे इनायत के इंतज़ार में। श्रीमती मुक्ता सिंह रंकाराज 29/4/2020 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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