नज़रे इनायत

"नज़रे इनायत"
सांवरे कभी मुड के भी देखा करो,
राहों में हम बैठे हैं पलके बिछाए ,
तेरे प्यार भरी नज़रे इनायत के इंतज़ार में।

श्रीमती मुक्ता सिंह
रंकाराज
29/4/2020

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