जिंदगी मजदूरों सी

"जिंदगी मजदूरों सी"
ज़िन्दगी अब मजदूरों सी हो गई है ,
गमों में खुशियों का वजूद तलाशती,
हालातों का खिलौना है ज़माना,
जिस्म से पास और मन से हैं तन्हां ।

श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
1/5/2020

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