कमी कहां रह गई

*कमी कहां रह गई*
ये दोस्त तेरी दोस्ती को हमने खुदा जाना,
हर रिश्ते से पहले दोस्ती का रिश्ता माना,
तूने दुनियादारी निभाई हमने दोस्ती निभाई,
कमी कहां रह गई मेरे दोस्ती निभाने में।

श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
11/5/2020


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