परछाइयां उभरती है Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps By Mukta Singh Mukta Singh May 21, 2020 *परछाइयां उभरती है* कितनी परछाइयां उभरती है जेहन में तेरे तेरे प्यार की कुछ आडी सी कुछ तिरछी सी जैसे किसी झील में लहरों की मोहताज हो अक्स। श्रीमती मुक्ता सिंह रंका राज 20/5/2020 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
Comments
Post a Comment