उदास ना होना
कभी उदास ना होना
तुम कभी उदास ना होना
जीवन की पथरीली राहों की उम्र है थोड़ी
कोई साथ हो या ना हो मै हूं हरपल साथ तेरे
पलके बंद कर दिल में मेरी अक्स देख लेना।
तुम कभी उदास ना होना
इन राहों में तो मिलेंगे राहगीर कितने
हर किसी को शक़ भरी निगाहों से ना देखना
सभी कातिल ही नहीं, मसीहा भी है राहों में।
तुम कभी उदास ना होना
ये मुफ्लिसों का दौर भी गुजर जाएगा
ये बात और है कि तुम पारखी बन जाओगे
चेहरे पे लगे मुखौटे को देख शख्स पहचान जाओगे।
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
16/5/2020
तुम कभी उदास ना होना
जीवन की पथरीली राहों की उम्र है थोड़ी
कोई साथ हो या ना हो मै हूं हरपल साथ तेरे
पलके बंद कर दिल में मेरी अक्स देख लेना।
तुम कभी उदास ना होना
इन राहों में तो मिलेंगे राहगीर कितने
हर किसी को शक़ भरी निगाहों से ना देखना
सभी कातिल ही नहीं, मसीहा भी है राहों में।
तुम कभी उदास ना होना
ये मुफ्लिसों का दौर भी गुजर जाएगा
ये बात और है कि तुम पारखी बन जाओगे
चेहरे पे लगे मुखौटे को देख शख्स पहचान जाओगे।
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
16/5/2020

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