चलो मेरे साथ

        *चलो मेरे साथ*

चलो मेरे साथ कहते थे तुम बड़े गर्व से
आज राहें बदल गई तेरी मंजिलों के
जो याद थे आज जिंदगी बन गए
और जो जिंदगी थे यादों में भी ना रहे।

आंखे भी अब पथरा गई अब तेरी बाट जोहते
कल्पनाओं का समंदर भी अब सूखने लगा है
आस की मंजिलें भी अब बदलने लगी हैं
आ जाओ फिर से एक बार सब छोड़ कर
फिर से कहो एक बार मुझसे,चलो मेरे साथ।

एक बार फिर से समेट लो मुझे तुम
अपने हाथो में मेरे लरजते हाथों को थाम लो
मेरी कांपती हथेलियों को एक गर्माहट दे दो
फिर एक बार कहो चलो मेरे साथ ।

श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
15/5/2020




Comments

  1. बहुत खूब परिभाषित किया है आपने🙏💐

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