देख लेना

#देख लेना#

तुम जा रहे हो, मेरा आशियाना उजाड़ के,
किसी बेवफ़ा की मोहब्बतें दुनिया बसाने,
कल इन्हीं आगोश में आना है तुम्हे,
मृगमरिचिका में कितने दिन भटकोगे,
एक दिन आना तो है इसी मंजिल पे लौट के,
पर देख लेना कल अहशासे - रंज होगा तुम्हे,
अपनी नादानियों पे अश्क भी बहाओगे,
सारी दुनिया तो होगी, पर हम ना होंगे ।

श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
12/5/2020

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