मेरी खामोशी सुन लो

#मेरी खामोशी सुन लो#
काग़ज़ पे मैंने फसाने गढ़े है,
लफ्ज़ मेरे खामोश हो गए हैं,
तुझसे बस इतनी सी इल्तज़ा है,
तुम मेरी खामोशी सुन लो।

श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
9/5/2020

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