एक और बात

एक और बात
एक और बात है कि मेरी मुहब्बत हो तुम,
मेरी जिंदगी और ख्वाबों कि हकीकत हो,
पर दिल - ए- इश्क को ख्वाहिशें नहीं,
कि तुम भी मोहब्बत करो मुझसे ।

श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
7/5/2020

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