शब्द साधना

*शब्द साधना*

शब्द तो मासूम है अहशासो में लिपटे,
भावों की चूनर ओढ़े, घबराए से,
शब्द ही शत्रु,शब्द ही मित्र बनाते हैं,
शब्दों की तीर से जो घायल हुए,
कोई औषधी काम ना आती है,
इसीलिए शब्दों की साधना कीजिए।

शब्द ही औषधी,शब्द ही जहर
शब्द ही मरहम, शब्द ही ज़ख्म
शब्द ही महाभारत,शब्द ही वनवास
शब्द ही है भीष्म प्रतिज्ञा
शब्द से संहार ना कीजिए
बस शब्दों की आराधना कीजिए ।

श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
13/5/2020



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