तस्वीर
नमस्कार🙏जोहार🙏खम्मागन्नी सा🙏।आज हमारे एक परिचित ने हमारी शादी के कुछ महीने बाद कि एक तस्वीर हमें भेजी।जिससे काफी यादें जुड़ी हुई थी हमारी।बहुत अच्छा लगा।उसी पे मेरी ये रचना है।आशा है कि आपको भी पसंद आएगी।
*तस्वीर *
आज किसी ने भेजी है
हमारी यादों की तस्वीर पुरानी
बन्द पड़े थे जो जज्बात अल्बम के पन्नों में
आज किसी ने वो अहसास भेजा है।
जिंदगी के उधेड़-बुन में खो गए थे
वो सुनहरे लम्हें कहीं
आज किसी ने वो अनमोल लम्हात भेजा है।
क्या दिन थे वो भी
अनजाने राह के हमराही थे हम
कुछ उन्हें समझना था,कुछ हमें समझना था
आज किसी ने वो शुरुआत भेजा है
आज को समझने-समझाने में
कब बीत गया वो सुनहरा कल
कल की चिंता में बिखर गए वो पल
आज किसी ने वो पलों का सौगात भेजा है।
समय बदला,लोग बदले,रिश्ते बदले
बागों में प्यार के फूल भी खिले
कुछ तुम बदले,कुछ हम बदले
पर बदला नही हमारा विश्वास
आज किसी ने वो,विश्वास की शुरुआत भेजा है।
ये तस्वीरें थी तो मेरे पास भी
बन्द अल्बम के पन्नो में इंतज़ार करती
कभी फुर्सत नही मिली,
तो कभी बन्धनों को निभाते रहे
आज किसी ने इंतज़ार की वो याद भेजा है।
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंकाराज
10/10/2020

Beautiful memorable
ReplyDeleteLovely ❤️❤️🌹
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