रिश्ते तोड़ जाते हैं
नमस्कार🙏जोहार🙏खम्मागन्नी सा🙏आज मैं आज की भौतिकतावादी रिश्तों को कुछ शब्दों में बयां करने की कोशिस की हूं।और आशा करती हूं कि आप सबों को पसन्द आएगी।
#रिश्ते तोड़ जाते हैं#
छोटी सी बात पे रिश्ते तोड़ जाते हैं
जिसे सम्भाला मैंने सांसों की तरह
आंसू भी जज्बातों के सैलाब में
डूब चुपके से ढलक जाती है ।
ये दिल के तूफ़ां न जाने क्या-क्या
गुस्से के अंधडों में तोड़ जाएगी
आज प्यार का बंधन
सोने के जंजीरों में तौली जाएगी।
दुनिया है बड़ी मतलबी
दोस्ती हो या प्यार
सबकी लगती है बोलियां
खनकते सिक्कों के बाजार में
जज़्बात स्वार्थ के रंग में घोले जाते हैं।
प्यार में किये लाख मन्नतें
पर इश्क़ मेरा अधूरा ही रहा
मैं आशाओं का साथ निभाता रहा
और वक़्त क्रूर खेल खेलता रहा।
क्या फ़ायदा हुआ
किस्मत की लकीरों को रंगीन करने से
दिल मे कल भी तेरी यादों का पहरा था
आज भी है तेरे नाम के गहरे राज दिल मे छुपे।
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंका राज
29/9/2020

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