इंतज़ार अधूरे रहते हैं
#इंतज़ार अधूरे रहते हैं#
किसी ने बहुत सही कहा है --
"इंतज़ार वहीं अधूरे रह जाते हैं
जहां इंतज़ार शिद्दत से किये जाते हैं।"
हमारे ख़्वाबों का घरौंदा भी उस वक्त गिरा
जब तूफ़ां थम गई थी,खुशियों का बसेरा था
कातिल हवाएं शांत थी,और हंसी की
गुनगुनी धूप खिली थी
इन यादों के जहां का क्या करूँ
अश्क़ बन गालों पे ढुलक जाते हैं
आंखें बंद करूँ तो बस तुम ही दिखते हो
खुशियों का इंतज़ार,अब तूफानों में खो गया है
दिल मानने को तैयार नहीं कि
मेरी धड़कनों की मंजिल बदल गयी
तुमसे ही मेरी सारी खुशियाँ थी सतरंगी
अब उदासियों के बवंडर का बसेरा है
श्रीमती मुक्ता सिंह
रंकराज
23/10/21

Comments
Post a Comment