राजस्थान के शहरों को रंगों से क्यूं जाना जाता है

 *राजस्थान के शहरों को रंगों से क्यूं जाना जाता है*


राजस्थान का नाम आते ही रंगीले वीरों की भूमि के रूप में मन में स्वतः ही चलचित्र बनने लगते हैं।इन्हीं रंगों में एक और विशेषता के लिए भी राजस्थान भारत का मात्र एक राज्य प्रसिद्ध है।और वो है इसके चार बड़े शहर को इनके नामों के अलावे रंगों से पहचाना जाता है।ये बात शायद भारत के बहुत कम लोगों के दिमाग में हो।आज से पहले मेरे दिमाग मे भी ये बात नही आई।और ना ही इसके पीछे छुपे इतिहास को जानने की इक्षा हुई।हैं जो राजस्थान घूमने जा चुके हैं।वैसे लोग इस बात से भलीभांति परिचित हैं।

और वो चार रंग हैं जयपुर पिंक है, तो जोधपुर ब्लू, जैसलमेर गोल्डन है तो उदयपुर व्हाइट।तो चलिए आज इन रंगों से जाना जाने के पीछे के इतिहास को जानते हैं।


*जोधपुर (ब्लू सिटी)*


राजस्थान का जोधपुर ही इस देश का ब्लू सिटी है, जो लगभग 558 साल पहले बसाया गया था। यह एक बहुत ही खुबसूरत शहर है और यह शहर अपने रंग की वजह से जाना जाता है। इस शहर के बारे में कहा जाता है कि 1459 में राव जोधा ने जोधपुर शहर की खोज की थी। जोधा, राठौड़ समाज के मुखिया और जोधपुर के 15वें राजा थे।


उनके नाम से ही इस शहर का नाम जोधपुर पड़ा, इससे पहले इस शहर का नाम मारवाड़ था। यह शहर रेगिस्तान के बीचो- बीच बसा हुआ है, यहां के सभी घर नीले रंग के दीखते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी से बचने के लिए यहां के सभी घरों में नीला रंग लगाया गया है। इसीलिए इस शहर को नीला शहर यानी ब्लू सिटी कहा जाता है।


इस ब्लू सिटी में मौजूद ऐतिहासिक किले, पुराने महल और प्राचीन मंदिर जोधपुर के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक हैं।

इस शहर का हस्तशिल्प, लोकनृत्य, भोजन और गीत- संगीत सभी अपने आप में निराले हैं, जो इस शहर की शोभा को कई गुना बढ़ा देते हैं। यह शहर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय और भी खुबसूरत हो जाता है। लोगों का कहना है कि यहाँ पर सूर्य देवता ज्यादा समय के लिए रहते हैं, इसलिए इस शहर को सूर्यनगरी के नाम से भी जाना जाता है।


*जयपुर (पिंक सिटी)*


जयपुर पिंक सीटी के नाम से लोकप्रिय है क्योंकि यहाँ की संरचनाओं के निर्माण के लिए गुलाबी रंग के पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। गुलाबी रंग का अपना एक इतिहास है।

साल 1876 में इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ और प्रिंस ऑफ वेल्स युवराज अल्बर्ट जयपुर आने वाले थे। उस समय जयपुर के महाराजा सवाई रामसिंह इनकी तैयारियों में जुटे थे। इनके वेलकम के लिए पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा था। शहर की सड़कें साफ कर उनके किनारे फूल-पत्तियां लगाई जा रही थीं।

महाराजा सवाई रामसिंह के मन में सूझा कि क्यों न पूरे शहर को एक रंग में रंग दिया जाए। फिर उन्होंने उच्च अधिकारियों से इस बात की मंत्रणा की और परकोटे में स्थित पूरे शहर को गुलाबी रंग से रंग दिया। उसके बाद से यह शहर गुलाबी हो गया जो बाद में चलकर गुलाबी नगर कहलाया। राजस्थान की राजधानी होने के अलावा, जयपुर राज्य का सबसे बड़ा शहर है। शहर का गुलाबी रंग हर किसी के दिल को लुभाने वाला एक रोमांटिक आकर्षण लाता है।


*उदयपुर (व्हाइट सिटी)*


उदयपुर देशी हो या विदेशी या फिर हॉलीवुड और बॉलीवुड सभी उदयपुर की खूबसूरती के दीवाने है।


खासकर यह जगह हनीमून कपल्स के बीच खासा प्रसिद्ध है। इस सिटी को व्हाइट सिटी इसलिए कहा जाता है क्योंकि उदयपुर में ज्यादातर इमारतें संगेमरमर की बनी हैं इसलिए इसको यह नाम दिया गया है। वैसे इसको 'वेनिस ऑफ इंडिया' भी कहा जाता है।


*जैसलमेर (गोल्डन सिटी)*


थार के रेगिस्तान में स्थित जैसलमेर को गोल्डन सिटी कहा जाता है। यहां निकलने वाले पीले रंग के पत्थर से बनी इमारतों पर जब सूरज की किरणें पड़ती है तो ये सभी सोने के समान दमकती नजर आती है।


साथ ही इसके आसपास फैला विशाल रेत का समन्दर सूरज डूबने के दौरान स्वर्णिम आभा लिए नजर आता है। अब यहीं नाम इसकी पहचान बन गया।



तो ये थी इन शहरों को उनके रंगों से प्रसिद्धि मिलने का कारन।आशा करती हूं कि आपको ये जानकारी रोचक लगी होगी।


श्रीमती मुक्ता सिंह

रंकाराज

2/7/22





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